प्लास्टिक पाबंदी में ढील चाहती हैं बहुराष्ट्रीय फर्में
मुंबई 30 जून: महाराष्ट्र सरकार की ओर से राज्य में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद एमेजॉन और एचऐंडएम जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां नियमों में कुछ ढील देने की मांग कर रही हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। प्लास्टिक पर पाबंदी लगने से रिटेलर, बेवरिजेस विनिर्माताओं आदि की पैकेजिंग लागत काफी बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया भर में कुल प्लास्टिक के कचरे में से करीब आधा कचरा प्लास्टिक पैकेजिंग से आता है। एमेजॉन, एचऐंडएम, पेप्सिको और कोका-कोला के प्रतिनिधियों के साथ ही प्लास्टिक उद्योग के संगठनों ने 23 जून को प्रतिबंध लागू होने से पहले महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की थी और नियम को चरणबद्घ तरीके से लागू करने और कुछ ढील बरतने की अपील की थी।
प्लास्टिक बैग्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव निमित्त पुनमिया ने कहा, 'हमारी मांग है कि सरकार उद्योगों को विकल्प तैयार करने के लिए सात साल का वक्त दे।' इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से नियमों में ढील देने की मांग की है लेकिन किस तरह, यह स्पष्टï नहीं है। मामले के जानकार एक अन्य सूत्र ने बताया कि शीतल पेय बनाने वाली कंपनियां पेप्सिको और कोका कोला नियमों से छूट चाहती हैं क्योंकि खाली बोलतें गारंटीशुदा कीमत में वापस खरीदने से उनकी लागत बढ़ जाएगी। इस बारे में पक्ष जानने के लिए एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, पेप्सिको और कोका कोला से संपर्क किया गया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। एचऐंडएम ने एक बयान में कहा कि वह पुनर्चक्र्रण का समर्थन करती है लेकिन उसने सरकार से नियमों को स्पष्टï करने तथा समाधान निकालने में मदद की मांग की है।
(साभार- बिजनेस स्टैण्डर्ड)
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