*रेलवे में निजीकरण, ठेकेदारी और 10 लाख कर्मचारियों की भारी कमी और आर्थिक लूट / आर्थिक आतंकवाद से भारतीय रेलवे का बुनियादी ढांचा चरमराया जिससे ट्रेनों में आग लगने और रेल दुर्घटनाओं में असामान्य रूप से बढ़ोत्तरी हुयी है: सच्चिदानन्द श्रीवास्तव
*रेलवे में निजीकरण, ठेकेदारी और 10 लाख कर्मचारियों की भारी कमी और आर्थिक लूट / आर्थिक आतंकवाद से भारतीय रेलवे का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है, जिससे ट्रेनों में आग लगने तथा रेलवे पुलों व प्लेटफॉर्म शेल्टर्स / भारी रेलवे स्ट्रक्चर्स गिरने और रेल दुर्घटनाओं में असामान्य रूप से बढ़ोत्तरी हुयी है!*
*भारतीय रेलवे के वर्तमान बुनियादी ढांचे (पटरियों की लंबाई, स्टेशनों की संख्या, केबिन, रेल के कारखाने, पुल, आरओबी, माइक्रोवेव टावर और अन्य संरचनात्मक इकाइयों आदि) के अनुपात में लगभग 10 लाख कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की जाय और निजीकरण व ठेकेदारी प्रथा बंद कर पूर्ववत विभागीय कार्य कराया जाय!*
-:सच्चिदानन्द श्रीवास्तव:-
महामंत्री - रेल सेवक संघ (रजिस्टर्ड) & राष्ट्रीय अध्यक्ष -समतामूलक समाज निर्माण मोर्चा
लखनऊ: रेलवे में निजीकरण, ठेकेदारी प्रथा और आर्थिक लूट के कारण आये दिन रेलवे ट्रेनों में आग लगने और बर्निंग ट्रेन बनने, रेल दुर्घटनाओं में असामान्य रूप से हुयी बढ़ोत्तरी, रेलवे पुलों, प्लेटफॉर्म शेल्टर्स और भारी रेलवे स्ट्रक्चर्स गिरने और आम यात्री / रेल कर्मचारी काल के ग्रास बनाने पर रेल सेवक संघ (रजिस्टर्ड) के महामंत्री और समतामूलक समाज निर्माण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष - सच्चिदानन्द श्रीवास्तव ने प्रतिक्रिया देते हुए तथा @PMOIndia & @Rail_Minister को टैग करते हुए एक्स (X) पर दुर्घटनाओं की फोटो लगाते हुए ट्वीट और री-ट्वीट करते हुए कहा कि,
"निजीकरण, ठेकेदारी और 10 लाख कर्मचारियों की भारी कमी और रेलवे में आर्थिक लूट / आर्थिक आतंकवाद के कारण भारतीय रेलवे का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है और आये दिन एक तरफ Trains बर्निंग ट्रैन बन रही है, दुर्घटनाओं की शिकार हो रही हैं तो दूसरी तरफ रेलवे पुल, प्लेटफॉर्म शेल्टर्स और रेलवे स्ट्रक्चर्स गिरने और आम यात्री / रेल कर्मचारी काल के ग्रास बन रहे हैं।"
सच्चिदानन्द श्रीवास्तव ने कहा कि, सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्धता बनाए रखने के लिए "यह यूनियन [रेल सेवक संघ (रजिस्टर्ड)] और समतामूलक समाज निर्माण मोर्चा" मांग करती है कि, भारतीय रेलवे के वर्तमान बुनियादी ढांचे (पटरियों की लंबाई, स्टेशनों की संख्या, केबिन, रेल के कारखाने, पुल, आरओबी, माइक्रोवेव टावर और अन्य संरचनात्मक इकाइयों आदि) के अनुपात में लगभग 10 लाख कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की जाय और निजीकरण व ठेकेदारी प्रथा बंद कर पूर्ववत विभागीय कार्य कराया जाय और भारतीय रेल में सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित की जाय - रेल यात्रियों / रेल कर्मचारियों की जान बचाने के साथ-साथ आर्थिक लूट / आर्थिक आतंकवाद पर विराम लगाकर राष्ट्र की संपत्ति की रक्षा की जाय !
@PMOIndia @Rail_Minister
— RAIL SEWAK SANGH (REG.)- TRADE UNION OF 'WORKMAN'. (@railsewaksangh) May 31, 2026
ठेकेदारी और 10 लाख कर्मचारियों की कमी के कारण रेलवे का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है जिससे आये दिन Trains बर्निंग Train बन रही है, दुर्घटनाओं की शिकार होरहीहैं तो दूसरी तरफ Railway Bridges & Structures गिरने से आमयात्री/रेल कर्मचारी काल के ग्रास बनरहे हैं! pic.twitter.com/aDe5Ciuz3k
2.
— RAIL SEWAK SANGH (REG.)- TRADE UNION OF 'WORKMAN'. (@railsewaksangh) May 31, 2026
सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्धता बनाए रखने के लिए @railsewaksangh IR के वर्तमान बुनियादी ढांचे (पटरियों की लंबाई, स्टेशनों की संख्या, केबिन, Workshops, Bridges, FOBs/ROBs और अन्य संरचनात्मक इकाइयों आदि) के अनुपात में लगभग 10 लाख कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की मांग करता है। pic.twitter.com/K0hILEEnDH
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