फिएट का महिंद्रा पर नकल का आरोप
मुंबई: अमेरिकी वाहन कंपनी फिएट क्राइसलर ऑटोमोबाइल्स (एफसीए) ने महिंद्रा ऐंड महिंद्रा द्वारा हाल ही में अमेरिकी बाजार में पेश ऑफ-रोड वाहन की बिक्री पर रोक लगाने के लिए व्यापार शिकायत दर्ज कराई है। फिएट क्राइसलर का आरोप है कि महिंद्रा के इस वाहन का डिजाइन उसके आइकॉनिक जीप मॉडल के डिजाइन की नकल है। एफसीए ने संयुक्त अमेरिकी व्यापार आयोग के समक्ष 1 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का दावा है कि महिंद्रा रॉक्सर ने जीप की प्रमुख डिजाइन - 'बॉक्सी बॉडी आकार के साथ लंबाई की ओर चौड़ापन एवं रियर बॉडी के पिछले हिस्से के डिजाइन' की चोरी की है।
एफसीए का आरोप है कि महिंद्रा द्वारा भारत से नॉक-डाउन किट्स के तौर पर अमेरिका आयात किए जाने वाले रॉक्सर में उसके आइकॉनिक जीप के डिजाइन की काफी हद तक नकल की गई है। उसका कहना है कि महिंद्रा ने इस वाहन को मूल विलिस जीप को उतारने के बाद बनाया है। इस बारे में संपर्क करने पर महिंद्रा के अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहींं दी। एफसीए के प्रवक्ता से भी संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक कॉपोरेट वकील ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि बौद्घिक संपदा कानून के उल्लंघन के तीन पहलू हैं - ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और पेटेंट।
उन्होंने कहा, 'इस मामले में कम से कम ट्रेडमार्क का उल्लंघन नहीं है क्योंकि लोगो और वाहनों के नाम एक तरह के नहीं हैं। इंजीनियरिंग, ड्राइव ट्रेन और पावर ट्रेन भी अलग-अलग हैं, इसलिए पेटेंट के उल्लंघन का विकल्प भी खत्म हो जाता है। अब केवल कॉपीराइट का मामला ही बचता है जिसमें दोनों कंपनियां असहमत हैं।' लॉ फर्म खेतान ऐंड कंपनी में एसोसिएट पार्टनर निषाद नादकर्णी ने कहा कि यह डिजाइन राइट्स का मामला नहीं लगता है। डिजाइन राइट्स का परीक्षण नजरों से ही होता है। हमें याद रखना चाहिए कि कार को बाजार में उतारे जाने से पहले ही इसके डिजाइन का पंजीकरण करना अनिवार्य होता है। बाद में पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजाइन के अधिकार करीब 15 साल तक वैध रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी कंपनी को लगता है कि दूसरी कंपनी के उत्पाद का आकार और विन्यास उसके उत्पादों की तरह है तो वह इन उत्पादों के उत्पादन पर रोक लगाने की मांग कर सकती है।
इस मुद्दे का परिणाम जो भी हो लेकिन अमेरिका में इसके समाधान 2 साल के भीतर हो सकता है। रॉक्सर का डिजाइन विलिस स्टाइल जीप की तरह है। इस पर 2.5 लीटर डीजल इंजन लगा है और इसकी कीमत करीब 15,000 डॉलर यानी 10 लाख रुपये है। दूसरी ओर जीप की विलिस व्हीलर की कीमत 27,000 डॉलर है। एक विश्लेषक ने कहा कि रॉक्सर इस मायने में अलग है कि उसके फ्रंट ग्रिल में साढ़े 4 स्लॉट हैं जबकि क्राइसलर जीप में 7 स्लॉट हैं। लेकिन रॉक्सर के पहियों का खांचा क्राइसलर की तरह है।
(साभार- बी.एस.)
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