मिसाइल, परमाणु परीक्षण रोकने की उत्तर कोरिया ने की घोषणा
सोल , 21 अप्रैल: ( एएफपी ) उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने परमाणु परीक्षण और साथ ही अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर विराम लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टूंप ने इस घोषणा का स्वागत किया है लेकिन जापान ने उससे असंतोष जताया है।
उत्तर कोरिया के इस कदम को कोरियाई प्रायद्वीप और इसके इर्दगिर्द घूम रही कूटनीति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रायद्वीप को विभाजित करने वाले ‘असैन्यकृत क्षेत्र’ में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई - इन के साथ जोंग उन की प्रस्तावित मुलाकात से महज एक हफ्ता पहले यह घोषणा अत्यंत अहम मानी जा रही है।
इसके बाद जोंग उन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी मई या जून माह में मुलाकात कर सकते हैं।
बहरहाल , जोंग उन ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार तज सकता है।
उत्तर कोरिया ने जमीन के नीचे थर्मोन्यूक्लियर आयुध के परीक्षण समेत कई परमाणु परीक्षण किए। उसने तीन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का भी परीक्षण किय जिसके बाद किम जोंग - उन ने इसके नवंबर में पूरा होने की घोषणा की थी।
उत्तर कोरिया ने नवंबर के बाद से कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है।
किम ने कहा , ‘‘डीपीआरके को अभी किसी परमाणु परीक्षण और मध्यम दूरी एवं अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की जरूरत नहीं है।’’
उ. कोरिया की आधिकारिक ‘‘ कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ’’ के अनुसार जोंग उन ने सत्तारूढ़ पार्टी की केंद्रीय समिति से कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण स्थलों की अब कोई आवश्यकता नहीं है।’’
पार्टी ने निर्णय लिया है कि परमाणु विस्फोटों एवं आईसीबीएम परीक्षण शनिवार तक बंद हो जाएंगे और पारदर्शिता की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए पुंग्ये - री के परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त किया जाएगा।
इस घोषणा के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विट कर कहा, ‘‘यह उत्तर कोरिया और पूरे विश्व के लिए एक अच्छी खबर है और एक बड़ी प्रगति है।’’
साथ ही उन्होंने कहा कि वह किम के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन को लेकर उत्साहित हैं। वहीं दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम ‘‘परमाणु निरस्त्रीकरण’’ की दिशा में एक ‘‘सार्थक प्रगति’’ है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा, ‘‘उत्तर कोरिया का निर्णय परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में एक सार्थक प्रगति है, जैसा विश्व चाहता है।’’
बहरहाल, जापान का कहना है कि वह संतुष्ट नहीं है और उत्तर कोरिया पर दबाव की उसकी नीति जारी रहेगी।
जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोदेरा ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा, ‘‘हम संतुष्ट नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया ने ‘‘छोटी एवं मध्यम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को छोड़ने’’ का जिक्र नहीं किया है।
ओनोदेरा ने कहा, ‘‘सामूहिक विनाश करने वाले परमाणु हथियारों एवं मिसाइलों के हथियारों के खात्मे तक’’ वह प्योंगयांग पर दबाव बनाने की नीति जारी रखेंगे।
इस बीच ‘एपी’ की एक खबर के अनुसार जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उत्तर कोरिया की घोषणा का स्वागत किया लेकिन वह अब भी इससे बहुत आश्वस्त नहीं दिखे।
उन्होंने कहा, ‘‘ यहां मायने यह रखता है...कि इस कदम का सामूहिक विनाश करने वाले परमाणु हथियारों एवं मिसाइलों के पूर्ण, सत्यापन-योग्य तथा अपरिवर्तनीय खात्मे पर क्या असर पड़ेगा।’’
चीन ने भी परमाणु परीक्षण रोकने की उत्तर कोरिया की घोषणा का स्वागत किया है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एक बयान में कहा , ‘‘ चीन का मानना है कि परमाणु परीक्षणों को रोकने और अर्थव्यवस्था के विकास और लोगों के बेहतर जीवन-स्तर पर ध्यान देने का निर्णय कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति बेहतर बनाने और परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया और राजनीतिक समझौते में मदद करेगा। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘ चीन उत्तर कोरिया का सहयोग करना जारी रखेगा ...’’
संपादक- स्वतंत्र भारत न्यूज़
swatantrabharatnews.com






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(एएफपी निहारिका रंजन शाहिद शाहिद 2104 1241 सोल/ पीटीआई-भाषा संवाददाता 12:40 HRS IST)