भारत की आजादी के 70 साल के इतिहास में बिना मतदान कराये पारित पहले काले कानून- 'कृषि बिल' को वापस लेकर जनमत संग्रह कराये सरकार: एस. एन. श्रीवास्तव
लखनऊ: सरकार और किसान संगठनों के बीच नई दिल्ली में नौवें दौर की बैठक भी बेनतीजा होने और अगली बैठक 19 जनवरी, 2021 को दोपहर 12 बजे आयोजित करने के सरकार के रवैये पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष - एस. एन. श्रीवास्तव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक ट्वीट साझा किया और कहा कि, "भारत की आजादी के 70 साल के इतिहास में यह पहला काला कानून है, जिसे राज्यसभा में बिना बहुमत के तथा राजयसभा सांसद गण द्वारा बिल पर मतदान की मांग ठुकरा कर कृषि बिल पास घोषित कर दिया गया"।
एस. एन. श्रीवास्तव ने कहा कि, "सरकार व किसान संगठनों की नौवीं बैठक भी बेनतीजा होने और अगली बैठक 19 जनवरी, 2021 को दोपहर 12 बजे आयोजित करने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, सरकार गलत मंसूबे से इसे हल नहीं करना चाह रही है"।
एस. एन. श्रीवास्तव ने कहा कि, "लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी बार-बार मांग करती है कि, केंद्र सरकार अपनी ज़िद्द और अहंकार छोड़ कर लोकतंत्र के इतिहास में असंवैधानिक तरीके से पारित कृषि बिल (काला क़ानून) को वापस लेकर जनमत संग्रह कराये तथा किसानों की समस्याओं को हल करे"।
लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी बार-बार मांग करती है कि, केंद्र सरकार अपनी ज़िद्द और अहंकार छोड़ कर लोकतंत्र के इतिहास में असंवैधानिक तरीके से पारित कृषि बिल (काला क़ानून) को वापस लेकर जनमत संग्रह कराये तथा किसानों की समस्याओं को हल करे। pic.twitter.com/4oT5nrgKqj
— सच्चिदा नन्द श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष (उ• प्र•) (@LSPUP2016) January 16, 2021
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