वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर जवाबतलब
लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पीजीआई और केजीएमयू सहित राज्य के अस्पतालों में बीते तीन वर्ष के दौरान वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबतलब किया है ।
पीठ ने प्रमुख सचििव- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा अन्य संबद्ध अधिकारियों को 26 अप्रैल तक हलफनामा दाखिल कर सूचित करने को कहा है कि पिछले तीन वर्ष के दौरान पीजीआई और केजीएमयू सहित राज्य के अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर क्या सुधार हुए ।
अदालत ने अधिकारियों को चेताया है कि अगर हलफनामे नहीं दाखिल किये गये तो वह उन्हें सम्मन भेज अदालत में बुलाने पर बाध्य होगी ।
न्यायमूर्ति पी के जायसवाल और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की पीठ ने 2016 में दायर याचिका पर सुनवायी करते हुए शुक्रवार को उक्त निर्देश दिये । याचिका में अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप का आग्रह किया गया था । अदालत ने 20 अप्रैल 2016 को सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे इस मसले को देखें और उचित कदम उठायें ।
फरवरी 2019 में हलफनामा दाखिल करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि तीन वर्ष बाद भी वेंटिलेटर की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, जिसकी वजह से कई मौतें हो रही हैं जो खतरे की घंटी है ।
इस पर पीठ ने प्रमुख सचिव और अन्य संबद्ध अधिकारियों से स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा।
(साभार- भाषा)
swatantrabharatnews.com
27.jpg)
.jpg)

.jpg)



10.jpg)
![अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस- 01मई 2018: मजदूरों का शोषण - मानवता का उपहास - [रेल सेवक संघ]](http://www.swatantrabharatnews.com/uploads/images/10985359_750498361715733_4743675663368666332_n.jpg)
15.jpg)