बिजली के लिए मचा है प्रदेश में हाहाकार
लखनऊ, 24 जून: उत्तर प्रदेश में इस भीषण गर्मी में विद्युत संकट दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। कई-कई घण्टे विद्युत आपूर्ति बन्द होने से जहां आये दिन अस्पतालों में मरीजों की जान पर आफत हो रही है वहीं आम जनता का गर्मी से हाल-बेहाल है। प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश की जनता से किये गये 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति का दावा सिर्फ जुम्ला साबित हो रहा है।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदा नन्द श्रीवास्तव ने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित एनसीआर क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्वयं ऊर्जा मंत्री को एनसीआर क्षेत्र एवं सभी नगर निगमों को विद्युत ट्रिपिंग फ्री 15अगस्त से पहले करने का निर्देश बिजली विभाग के अधिकारियों को देना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बिजली चोरी और लाइन हानियों को 15 प्रतिशत से कम पर लाने की बात कर रहे हैं इससे स्पष्ट है कि विद्युत विभाग लाइन हानियां रोकने में विफल है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। महीनों ट्रान्सफारमर नहीं बदले जा रहे हैं। बिजली न मिलने से किसान धान एवं अन्य फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं जिससे फसलें नष्ट हो रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश सरकार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रही है वहीं दूसरी तरफ बिजली के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि करके आम जनता और किसानों पर आर्थिक बोझ लाद रही है। विद्युत चेकिंग के नाम पर अभियान चलाकर गरीब जनता का विद्युत कनेक्शन काटकर परेशान किया जा रहा है। चहुंओर बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति यह है कि राजधानी लखनऊ में ही लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है और सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वे कई बार मुख्य मंत्री - श्री योगी जी के निवास पर फोन किये लेकिन वे न फोन पर उपलब्ध होते हैं और न ही मिलने का समय दे पाते हैं।
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