सतना की सेहत से खिलवाड़, बिना जांच के पानी की हो रही है सप्लाई
शहर में पानी सप्लाई से पहले फिल्टर प्लांट में पानी की गुणवत्ता और सैंपल लेना अनिवार्य है. इसके बाद पानी को उपचारित कर पेयजल के लिए आपूर्ति की जानी चाहिए. निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान पानी की शुद्धता परखने वाले दो कर्मचारियों को दंडित करते हुए वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है.
सतना, 16 जून: सतना शहर में पीएचईडी और नगर निगम द्वारा लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है. शहर में बिना जांच के पेयजल आपूर्ति की जा रही है. फिल्टर प्लांट में बिना जांच किए ही शहरवासियों को पेयजल सप्लाई कई महीनों से की जा रही थी, जिसका खुलासा नवागत निगम आयुक्त प्रवीण सिंह ने किया है. सिंह ने मामले में लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों को दंडित भी किया है.
करीब चार लाख की आबादी वाले सतना शहर के लोगों के स्वास्थ्य के साथ पीएचई विभाग और नगर निगम कई महीनों से खेल रहा था. लंबे समय से शहर में होने वाली पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरती जा रही थी, लेकिन किसी अधिकारी ने इसकी जांच करना मुनासिब नहीं समझा. नवागत निगम कमिश्नर प्रवीण सिंह ने शहर के पानी की आपूर्ति के लिए बने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया.
निगम कमिश्नर ने बताया कि एनीकट से पानी फिल्टर प्लांट में लाया जा रहा है और बिना उपचार व जांच के ही पानी पाइप लाइनों व टैंकरों के माध्यम में रोज शहर में सप्लाई किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह में एक बार पानी की जांच की जाती और उसी के आधार पर एक माह तक शहर में पेयजल स्पलाई की जा रही थी.
(साभार- न्यूज़-18)
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