दिवाली से पहले भारत सरकार के सबसे बड़े झूठ के ऐलान का पर्दाफाश: सच्चिदनन्द श्रीवास्तव: महामंत्री - रेल सेवक संघ (रजि)
रेल कर्मियों के 78 दिन के वेतन के बराबर अधिकतम देय बोनस की राशि 17 हजार 951 रुपये की घोषणा: केंद्रीय मंत्रिमंडल
'बोनस' - रेलवे के कुल लाभ और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किये गए भुगतान का अंतर है, अतः भारत सरकार / कैबिनेट द्वारा रेल कर्मचरियों को उनके वास्तविक वेतन के आधार पर 78 दिन के वास्तविक वेतन के बराबर बोनस की राशि की मंजूरी कर लगभग 50 हज़ार से 02 लाख रूपये के बोनस का भुगतान किया जाय: सच्चिदनन्द श्रीवास्तव, महामंत्री, रेल सेवक संघ (रजि.)
लखनऊ : रेल सेवक संघ (रजि.) के महामंत्री - सच्चिदनन्द श्रीवास्तव ने "दिवाली से पहले भारत सरकार के सबसे बड़े झूठ के ऐलान" का पर्दाफाश करते हुए कहा कि, भारत की केंद्र सरकार / मोदी सरकार भी कांग्रेस सरकार के ही तरह मालूम नहीं किस कैलकुलेटर से गड़ना करके "रेल कर्मियों के 78 दिन के वेतन के बराबर अधिकतम देय बोनस की राशि मात्र 17 हजार 951 रुपये की घोषणा करती है जबकि, आज रेल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का मासिक वेतन 17 हजार 951 रुपये से अधिक है और महीने में मात्र 30 - 31 दिन ही होते हैं"।
महामंत्री - सच्चिदनन्द श्रीवास्तव ने कहा कि, सरकार को शर्म भी नहीं आती कि, एक तरफ वह स्वीकार करती है कि, वर्ष 2024-25 में 16 लाख रेल कर्मचारियों के स्थान पर मात्र लगभग 10 लाख 91 हजार कर्मचारी रेल के दुगने से भी अधिक हुए रेल यातायात का सुचारु रूप से संचालन करते हुए रिकॉर्ड 1614.90 मिलियन टन माल ढुलाई की और लगभग 7.3 बिलियन यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाया है और दूसरी तरफ 78 दिन के बोनस की घोषणा अर्थात लगभग 50 हज़ार से 02 लाख रूपये के बोनस के स्थान पर 30 दिन का भी वेतन नहीं दे रही है और इस प्रकार यह घोषणा "दिवाली से पहले भारत सरकार के सबसे बड़े झूठ का ऐलान" है जो मेहनतकश रेल कर्मियों के साथ धोखा और उनके हक़ की लूट है !
रेल सेवक संघ के महामंत्री ने कहा कि, 'बोनस' - रेलवे के कुल लाभ और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किये गए भुगतान का अंतर है अतः भारत सरकार / कैबिनेट द्वारा रेल कर्मचरियों को उनके वास्तविक वेतन के आधार पर 78 दिन के वास्तविक वेतन के बराबर बोनस की राशि की मंजूरी कर लगभग 50 हज़ार से 02 लाख रूपये के बोनस का भुगतान किया जाय!
रेल सेवक संघ (रजि.) के महामंत्री - सच्चिदनन्द श्रीवास्तव ने एक्स पर ट्वीट कर "भारत सरकार की माननीया राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ( @rashtrapatibhvn, @PMOIndia, @RailMinIndia & @ilo )" से मांग की कि, 'बोनस' - रेलवे के कुल लाभ और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किये गए भुगतान का अंतर है, अतः भारत सरकार / कैबिनेट द्वारा रेल कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन के आधार पर 78 दिन के वास्तविक वेतन के बराबर बोनस के राशि की मंजूरी की जाय,
लगभग 50 हज़ार से 02 लाख रुपये के बोनस का भुगतान किया जाय !
एक्स पर ट्वीट (Link):
@rashtrapatibhvn @PMOIndia @RailMinIndia @ilo
— RAIL SEWAK SANGH (REG.)- TRADE UNION OF 'WORKMAN'. (@railsewaksangh) September 24, 2025
'बोनस' - रेलवे के कुल लाभ और कर्मचारियों को वेतन के रूप में किये गए भुगतान का अंतर है, अतः भारत सरकार / कैबिनेट द्वारा रेल कर्मचरियों को उनके वास्तविक वेतन के आधार पर 78 दिन के वास्तविक वेतन के बराबर बोनस के राशि की मंजूरी की जाय
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लगभग 50 हज़ार से 02 लाख रूपये के बोनस का भुगतान किया जाय: सच्चिदनन्द श्रीवास्तव, महामंत्री, रेल सेवक संघ (रजि.) pic.twitter.com/8B8wWAVoH9
— RAIL SEWAK SANGH (REG.)- TRADE UNION OF 'WORKMAN'. (@railsewaksangh) September 24, 2025
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