
भारतीय रेलवे के पास मार्च 2024 तक लगभग 4.90 लाख हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 8812 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्देश्यों के लिए पट्टे पर दी गई है: रेल मंत्रालय
रेलवे की अतिरिक्त भूमि को स्वामित्व बरकरार रखते हुए वाणिज्यिक विकास के लिए पट्टे पर दिया गया
नई दिल्ली (PIB): 31.03.2024 तक भारतीय रेलवे के पास कुल भूमि लगभग 4.90 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से 8812 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्देश्यों के लिए पट्टे पर दी गई है। इसमें यात्री सुविधाओं, कार्गो संबंधी सुविधाओं, वाणिज्यिक विकास आदि के लिए लीज/लाइसेंस पर दी गई रेलवे भूमि शामिल है।
कुल रेलवे भूमि और कुल पट्टे वाली भूमि का क्षेत्रवार ब्यौरा निम्नानुसार है:
(आंकड़े हेक्टेयर में)
क्षेत्रीय रेलवे |
कुल रेलवे भूमि |
कुल रेलवे भूमि पट्टे पर/लाइसेंस पर |
मध्य |
31,476 |
168 |
पूर्वी |
21,082 |
469 |
पूर्व मध्य |
33,644 |
2,437 |
पूर्व तट |
23,010 |
273 |
उत्तरी |
46,447 |
474 |
उत्तर मध्य |
21,149 |
220 |
उत्तर पूर्वी |
25,899 |
326 |
पूर्वोत्तर सीमांत |
48,469 |
1,214 |
उत्तर पश्चिमी |
27,555 |
87 |
दक्षिणी |
26,953 |
365 |
दक्षिण मध्य |
40,600 |
237 |
दक्षिण पूर्वी |
34,877 |
970 |
दक्षिण पूर्व मध्य |
23,085 |
368 |
दक्षिण पश्चिमी |
19,893 |
197 |
पश्चिमी |
38,275 |
620 |
पश्चिम मध्य |
23,656 |
183 |
मेट्रो |
152 |
0.42 |
उत्पादन इकाइयाँ |
3,989 |
204 |
कुल |
4,90,211 |
8,812.42 |
भारतीय रेलवे के पास मौजूद भूमि का उपयोग स्थायी बुनियादी ढांचे जैसे कि पटरियां, स्टेशन, टर्मिनल, कार्यशालाएं, उत्पादन इकाइयां आदि उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त रेलवे की भूमि को सरकारी विभागों, केन्द्रीय विद्यालयों, सार्वजनिक सेवा उपयोगिता प्रदाताओं, निजी क्षेत्रों को रेलवे से संबंधित गतिविधियों जैसे यात्री सुविधाएं, कार्गो संबंधी सुविधाएं आदि के लिए पट्टे/लाइसेंस पर दिया जाता है, जिसका स्वामित्व मौजूदा नीति के अनुसार रेलवे के पास रहता है।
रेलवे की खाली पड़ी अतिरिक्त भूमि, जिसकी निकट भविष्य में परिचालन के लिए आवश्यकता नहीं है, उसे वाणिज्यिक विकास के लिए भूमि को पट्टे पर देने के लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया है। व्यावसायिक रूप से विकसित रेलवे भूमि का स्वामित्व सदैव रेलवे के पास रहता है।
यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री - अश्विनी वैष्णव ने कल राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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