रेल सेवक संघ और लोसपा ने पुनर्विकास के नाम पर भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) द्वारा ग्वालियर, नागपुर, अमृतसर और साबरमती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए RFQ आमंत्रण का किया बिरोध
"भारतीय रेलवे का निजीकरण बंद करो! बंद करो!!"
लखनऊ: रेल सेवक संघ के महामंत्री तथा लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश)- एस. एन. श्रीवास्तव ने ट्वीट कर पुनर्विकास के नाम पर भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) द्वारा ग्वालियर, नागपुर, अमृतसर और साबरमती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए RFQ (रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन) आमंत्रण एवं RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) का बिरोध किया और भारतीय रेलवे के निजीकरण को बंद करने की मांग की।
मजदूर नेता व लोसपा प्रदेश अध्यक्ष - श्रीवास्तव ने ट्वीट में कहा कि, देश की राष्ट्रीय सम्पदा को बड़ी ही खूबसूरती से विदेशियों के हाथों बेचने का कार्य और देश को आर्थिक गुलाम बनाने का कार्य प्रधानमंत्रीजी कर रहे हैं।
पुनर्विकास के नाम पर हो रहा है सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण।
— सच्चिदा नन्द श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष (उ• प्र•) (@LSPUP2016) June 18, 2020
देश की राष्ट्रीय सम्पदा को बड़ी ही खूबसूरती से विदेशियों के हाथों बेचने का कार्य/देश को आर्थिक गुलाम बनाने का कार्य प्रधानमंत्री जी कर रहे हैं।
लोसपा पुनर्विकास के नाम पर हो रहे निजीकरण का पुरजोर बिरोध करती है। https://t.co/9qci6lH9MG pic.twitter.com/rKiWMsTsAb
रेल सेवक संघ और लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी ने ट्वीट में कहा कि, "रेल सेवक संघ और लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी पुनर्विकास के नाम पर हो रहे निजीकरण का पुरजोर बिरोध करती है।"
ज्ञातव्य हो कि, बृहष्पतिवार 18 जून 2020 को रेल मंत्रालय ने शाम 07 बजकर 08 मिनट पर विज्ञप्ति जारी कर बताया कि, "भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) ग्वालियर, नागपुर, अमृतसर और साबरमती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए RFQ आमंत्रित करता है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि, पुनर्विकसित करने और उन्हें प्रतिष्ठित सिटी सेंटर में बदलने की दृष्टि से, भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) ने दिसंबर 2019 में ग्वालियर, नागपुर, अमृतसर और साबरमती रेलवे स्टेशन के लिए RFQ (रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन) आमंत्रित किया था । IRSDC 50:50 के स्वामित्व वाली RLDA और IRCON की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है। RITES भी जल्द ही 24% इक्विटी के साथ एक अन्य प्रमोटर के रूप में शामिल हो सकता है। IRSDC को रेलवे मंत्रालय, भारत सरकार के रेलवे स्टेशन विकास / पुनर्विकास परियोजनाओं के कार्य को लागू करने के लिए गठित किया गया है।
चार स्टेशनों के RFQ यूजर चार्ज और मिश्रित उपयोग भूमि विमुद्रीकरण पर आधारित हैं। यह निवेश अवसर DBFOT (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) मॉडल पर स्टेशन विकास और स्टेशन संपत्ति विकास के लिए 60 साल की रियायत अवधि के साथ योजनाबद्ध है। हालाँकि, आवासीय / शहर के विकास के लिए रियायत अवधि 99 वर्ष निर्धारित की गई है। यह पूरी बोली प्रक्रिया RFQ और RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) से युक्त द्वि-चरणीय बोली प्रक्रिया है। तब रेलवे स्टेशनों के उन्नयन और पुनर्विकास, और आसपास के रेलवे भूमि के विकास, संचालन और रखरखाव के बाद एक रियायतकर्ता का चयन किया जाएगा।
भारतीय रेलवे के इतिहास में, ये चार पुनर्विकास परियोजनाएं पहली हैं जिन्हें पीपीपी परियोजनाओं के लिए भारत सरकार द्वारा गठित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की मंजूरी मिली है। IRSDC रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 11 के तहत प्रदत्त शक्ति के संदर्भ में स्थानीय अधिकारियों के परामर्श से मास्टर प्लान और भवन योजनाओं की स्वीकृति के लिए एकल खिड़की है ।
IRSDC इच्छुक बोलीदाताओं को बुलाता है और 26 जून 2020 की नियत तारीख से पहले अपने निवेश के इस अवसर के लिए आवेदन करने का आग्रह करता है। इच्छुक बोलीदाता अपने आवेदन की समीक्षा करने और जमा करने के लिए https://irsdc.in/active पर जा सकते हैं।"
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